दर्पण

अरुणिता
द्वारा -
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    बेटे के सो जाने के बाद रीना अपने पति को समझा रही थी कि अगले हफ्ते ननद आ रही है अपने परिवार के साथ। एक हफ्ता रहने के लिए। होटलों में घुमाने की जरूरत नहीं है। ना ही दुकान पर जाकर कपड़े खरीदवाने की।सारा बजट बिगड़ जाता है। पति शिवम् लैपटॉप में काम करते हुए हूं हां ही कर रहे थे।" सुन भी रहे हो जो मैं कह रही हूं।"

     रीना ने हाथ नचाते हुए कहा। बेटा जो सोया नहीं था उठकर बोला" मम्मा,जब हम मामा जी के यहां जाते हैं तो आप सबसे पहले मोल में जाने और शोपिंग की बात करती है।आप तो कहती हैं कि हमारी मामा जी से अच्छी इनकम है। फिर क्या उनका बजट नहीं बिगड़ता जो बुआजी के आने से हमारा बिगड़ जाएगा।" रीना का चेहरा सफेद हो गया।बेटे ने दर्पण जो दिखा दिया था।

अलका शर्मा

शामली, उत्तर प्रदेश

 

 

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